किसी और के बारे में मालूम नहीं, कम से कम मेरे लिए तो मौत एक मजबूरी ही है! और जिंदगी है बेशक मेरे चाहत का दूसरा नाम!

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तुम मेरी परछाई नहीं हो, लेकिन मुझे अंधेरे में छोड़कर जाने की आदत है तुम्हें । जब परछाई हो ही नहीं, तब यह उम्मीद ही कैसे करते हो कि मैं उजाले में मेरा हमसफ़र बनने का मौका मैं दे दूंगी तुम्हें!

तुम मेरी परछाई नहीं हो, लेकिन मुझे अंधेरे में छोड़कर जाने की आदत है तुम्हें । जब परछाई हो ही नहीं, तब यह उम्मीद ही कैसे करते हो […]

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