سنو، تم بس اپنی تقدیر بدلو، خود کو کبھی نہ بدلو!
سنو، تم بس اپنی تقدیر بدلو، خود کو کبھی نہ بدلو!
Read More →سنو، تم بس اپنی تقدیر بدلو، خود کو کبھی نہ بدلو!
Read More →सुनो, मान लो मेरा कहना – बस अपने नसीब को ही बदल देना तुम, अपने आप को कभी भी नहीं बदलना!
Read More →कुछ काम मुझे आज भी नहीं आते। इनमें से एक है – खुदगर्ज की तरह अपनी भलाई के बारे में सोचना। वैसे भी , खुदा का काम मैं […]
Read More →একজন তোমার আড়ালে তোমার মিথ্যা নিন্দা করেl অন্যজন তোমার সামনে করে তোমার মিথ্যা প্রশংসাl কে তোমার পক্ষে বেশি ক্ষতিকারক?
Read More →مجھے محبت سے نفرت ہونے لگی ہے، اور نفرت سے محبت ہونے لگی ہے، خدارا کچھ کرو، مجھے روکو۔
Read More →मुझे प्यार से नफरत और नफरत से प्यार होने लगी हैl भगवान, कुछ करोl मुझे रोको।
Read More →It’s better to love everything, which is beautiful. But it’s best to love to beautify anything possible.
Read More →اگر فرض ہے تو قرض کیسا؟ قرض ہے تو فرض کیسا؟
Read More →फर्ज है अगर तो कैसा कर्ज? कर्ज है अगर तो फिर कैसा फर्ज?
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